
नाथद्वारा। पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ नाथद्वारा हवेली में सोमवार को पुष्टिमार्गीय परंपरा की प्राचीन सेवा ‘मंडान’ का पुनः शुभारंभ हुआ।
तिलकायत श्री की आज्ञा से गोस्वामी विशाल बावा एवं गोस्वामी लाल बावा ने ठाकुरजी को दीपावली के प्रतिनिधि श्रृंगार धराये जाने के अवसर पर प्रीतम पोल स्थित भवन में दीक्षिता बहूजी एवं आराधिका बेटीजी के साथ ‘श्री लाल गोविंद मंडान’ का शुभारंभ किया।
इसका मुख्य उद्देश्य वैष्णवों को नंदालय प्रांगण में ही पूर्ण शुद्धता एवं सेवा-भाव से सिद्ध किया हुआ मंडान का महाप्रसाद भोजन के रूप में उपलब्ध कराना है। यह सेवा वैष्णवों के लिए पूर्णतः निःशुल्क रहेगी।
इस अवसर पर विशाल बावा ने बताया कि मंडान का संबंध मर्यादी वैष्णवों की आहार-मर्यादा से रहा है। इसका प्रतिपादन गुंसाई जी ने उन वैष्णवों के सुखार्थ किया था जो यात्रा के दौरान बाहरी भोजन नहीं करते थे।
नाथद्वारा में नित्यलीलास्थ गोवर्धनलाल महाराज श्री के सेवाकाल में यह परंपरा हवेली में ही सेव्य स्वरूपों को भोग अरोगाकर चलाई जाती थी। कुछ वर्षों स्थगित रहने के बाद नित्यलीलास्थ गोविंदलाल महाराज ने इसे पुनः प्रारंभ कर गणगौर घाट के समीप स्थापित किया था।
अब वर्षों बाद पुनः तिलकायत श्री के आशीर्वाद एवं विशाल बावा की प्रेरणा से इसे नवीन स्वरूप में नंदालय प्रांगण में ही प्रारंभ किया गया है।
शुभारंभ पर विशाल बावा, लाल बावा, दीक्षिता बहूजी एवं आराधिका बेटीजी ने मुखिया, भीतरिया सेवकों तथा वैष्णवों को महाप्रसाद परोस कर सेवा शुरू की।
इस अवसर पर कृष्ण भंडार अधिकारी सुधाकर उपाध्याय, सहायक अधिकारी अनिल सनाढ्य, मंदिर मंडल सीईओ जितेंद्र पांडे, तिलकायत सचिव लीलाधर पुरोहित, समधानी दिनेश मेहता, उमंग मेहता, पण्ड्या परेश नागर, मीडिया प्रभारी गिरीश व्यास, राजेश्वर त्रिपाठी, कैलाश पुरोहित, नितिन पानेरी, जनम गांधी, जमादार विट्ठल सनाढ्य, कल्पित, आशीष, विजय, सुनील गुर्जर, कैलाश पालीवाल सहित सैकड़ों सेवक एवं वैष्णव उपस्थित थे।