राजसमंद। भीम थाना पुलिस ने नकबजनी करने वाले संगठित गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने करीब दो दर्जन चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है और चोरी किया गया माल भी बरामद किया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार किशोर पिता उदयलाल निवासी कुम्हार नाडा भीम थाना भीम जिला राजसमंद ने रिपोर्ट दी कि अज्ञात चोरों द्वारा उसके मकान से विद्युत वायर, कॉपर केबल, गलेण्डर मशीन, इलेक्ट्रिकल लाइट व लाइट फिटिंग से संबंधित अन्य सामान चोरी कर ले गए हैं। रिपोर्ट पर प्रकरण संख्या 298/2026 धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस 2023 में दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजसमंद हेमंत कलाल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेन्द्र पारीक व राकेश कुमार वृताधिकारी वृत भीम के निर्देशन में दिलीप खदाव पुलिस निरीक्षक थानाधिकारी थाना भीम के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया। टीमों द्वारा कस्बा भीम, आसीन्द व आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी फुटेज एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने भीम और आसपास के क्षेत्र जवाजा, ब्यावर में करीब दो दर्जन से अधिक चोरी और नकबजनी की वारदातें करना कबूला है। इनके खिलाफ पूर्व में चोरी, नकबजनी, मारपीट व शराब तस्करी के कई प्रकरण दर्ज हैं। ये एक संगठित गिरोह के रूप में वारदात को अंजाम देते हैं। इनके विरुद्ध संगठित अपराध के संबंध में धारा 111(2) बीएनएस का इजाफा किया गया है।
अभियुक्तों का एक संगठित गिरोह है जो दिन के समय निर्माणाधीन और सुने मकानों का चयन कर रैकी करता है तथा रात्रि में वहां चोरी की वारदात को अंजाम देता है। प्रमुख रूप से कॉपर व इलेक्ट्रिकल उपकरणों की चोरी करता है।
गिरफ्तार अभियुक्त नरेन्द्रसिंह पिता रोडसिंह जाति रावत उम्र 24 साल निवासी पाकरीयातो का बाडिया पचानपुरा कालब रायपुर जिला ब्यावर हाल पुराना बस स्टेण्ड टाटगढ रोड पर भीम और सुनीलसिंह उर्फ कालु पिता नन्दकिशोरसिंह जाति रावत उम्र 23 साल निवासी कुकरखेडा थाना भीम जिला राजसमंद है। इनके खिलाफ चोरी, नकबजनी और आबकारी अधिनियम सहित 7 प्रकरण पूर्व में थाना देवगढ़, अलवर गेट अजमेर, रायपुर और चण्डावल जिला पाली में दर्ज हैं।
कार्रवाई करने वाली टीम में थानाधिकारी दिलीप खदाव के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक लालाराम, हैड कांस्टेबल सत्यनारायण , कांस्टेबल जगदीश , कांस्टेबल बलवीर , कांस्टेबल शिवचरण , कांस्टेबल देशराज , कांस्टेबल बाबूलाल और कांस्टेबल भरत शामिल रहे।