खमनोर। जलझूलनी एकादशी के अवसर पर कस्बे में स्थित दोनों श्री चारभुजा नाथ मंदिरों से ठाकुरजी की भव्य शोभायात्राएं कस्बे में धूमधाम से निकाली गईं। ब्रह्मपुरी स्थित प्राचीन श्री चारभुजानाथ मंदिर से ठाकुरजी के विग्रह स्वरूप को 24 श्रेणी पालीवाल समाज के गणमान्य सदस्यों द्वारा पालकी (बेवाण) में विराजित कर आसपास के गांवों से आए प्रभु भक्तों के सानिध्य में भव्य शोभायात्रा के रूप में गाजे बाजे के साथ कस्बे में भ्रमण कराते हुए सरोवर विहार हेतु यमुना स्वरूप बनास नदी के तट पर ले जाया गया।
पुरानी तहसील रोड स्थित श्री चारभुजानाथ मंदिर से भी ग्रामीणों द्वारा श्री ठाकुरजी के स्वरूप को पालकी में विराजित कराते हुए गाजे बाजे के साथ शोभायात्रा निकालते हुए बनास पर ले जाया गया।
बनास नदी के तट पर जब पड़ौसी ग्राम मोलेला के ठाकुरजी पहुंचे तो दोनों गांव की तीन रेवाड़ीओ का अनोखा संगम देखने को मिला।
खमनोर के दोनों ठाकुर जी की शोभायात्राओं का नगर भ्रमण के दौरान ग्रामवासियों द्वारा दर्शन लाभ लेते हुए जगह जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। बनास नदी के तट पर स्थित दत्तात्रेय आश्रम में प्रभु स्वरूपों का मिलन हुआ। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लिया।
दत्तात्रेय आश्रम में ठाकुरजी का सरोवर विहार कराया गया। इत्र और पुष्पों से सुवासित जल से ठाकुरजी को स्नान कराया गया। आयोजन के दौरान ठाकुरजी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। सरोवर विहार पश्चात ठाकुरजी की पालकियां पुनः मंदिर पहुंचीं। वहां विधिवत पूजा अर्चना के साथ विग्रह स्वरूपों को निज मंदिर में विराजित किया गया। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और अंत में प्रसाद वितरित किया गया।

इस अवसर पर युवा मंडलों द्वारा कस्बे में विराजित गणपति बप्पा की प्रतिमाओं का विधि विधान के साथ विसर्जन भी किया गया। सभी श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा अर्चना के बाद गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया।