
गढ़बोर, राजसमंद। प्रदेश में जलझूलनी एकादशी पर लगने वाले प्रमुख मेलों में दूसरे नंबर का सबसे बड़ा मेला गढ़बोर चारभुजा नाथ का मेला हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
इस पावन दिवस पर भगवान चारभुजा नाथ के बाल स्वरूप को स्वर्ण विमान में विराजित कर शाही सवारी पूरे लवाजमे के साथ कस्बे के प्रमुख मार्गों से होती हुई दूध तलाई पहुंची। सवारी के दौरान श्रद्धालुओं ने जमकर अबीर गुलाल उड़ाया, जिससे सड़कों पर गुलाल की परत चढ़ गई। भारी भीड़ के बीच शोभायात्रा दूध तलाई पहुंची।
दूध तलाई पर ठाकुर जी की आरती की गई और पारंपरिक पूजा अर्चना के बाद दूध तलाई के पानी में ठाकुर जी को जल विहार करवाया गया। दूध तलाई पर ठाकुर जी को पारंपरिक अमल का भोग लगाया गया। मंदिर के पुजारियों द्वारा दूध तलाई के जल से ठाकुर जी को स्नान कराया गया। श्रद्धालुओं ने झील का पानी ठाकुर जी पर उछाल कर अपनी श्रद्धा प्रकट की।
इस वर्ष मानसून की बेरुखी के चलते दूध तलाई में पानी की कमी रही, जिससे श्रद्धालुओं में निराशा देखी गई। प्रतिवर्ष इस दिन झील में लबालब पानी भरा रहता है, जिसमें ठाकुर जी के बाल स्वरूप को स्नान कराया जाता है।

झील की परिक्रमा के बाद ठाकुर जी को रजत पालकी में विराजित कर वापस चारभुजा मंदिर लाया गया, जहां संध्या आरती के साथ दो दिवसीय मेला संपन्न हुआ।