विद्यार्थियों को डिजिटल खतरों, साइबर फ्रॉड एवं डेटा प्राइवेसी के प्रति किया जागरूक

राजसमन्द। पुलिस मुख्यालय, राजस्थान के निर्देशानुसार सितम्बर माह को “साइबर सुरक्षित राजस्थान” जन-जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला पुलिस अधीक्षक राजसमन्द श्री हेमन्त कलाल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजसमन्द श्री महेन्द्र पारीक के मार्गदर्शन में सेठ रंगलाल कोठारी राजकीय महाविद्यालय, राजसमन्द में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला महाविद्यालय की साइबर सुरक्षा समिति एवं साइबर पुलिस थाना, राजसमन्द के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुमन बड़ोला ने बताया कि कार्यशाला में साइबर पुलिस थाना, राजसमन्द के प्रोग्रामर खैरूल वसीम एवं सूचना सहायक दलबीर सिंह मीणा ने विभिन्न सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं।

महाविद्यालय की साइबर सुरक्षा समिति के प्रभारी डॉ. गोपाल लाल कुमावत ने बताया कि कार्यशाला दो सत्रों में आयोजित की गई। प्रथम सत्र में सूचना सहायक दलबीर सिंह मीणा ने विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल युग में इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के बढ़ते खतरों से अवगत कराया। उन्होंने इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के संबंध में महत्त्वपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक जानकारी साझा की। साथ ही डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, वित्तीय स्कैम तथा ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी जैसे साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और उनसे बचाव के उपाय बताए।

द्वितीय सत्र में प्रोग्रामर खैरूल वसीम ने विद्यार्थियों को डेटा प्राइवेसी, साइबर सुरक्षा तथा साइबर वॉलंटियर की भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को पुलिस एवं प्रशासन के साथ सहयोग करते हुए साइबर अपराधों की रोकथाम में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों की साइबर सुरक्षा से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें साइबर वॉलंटियर के रूप में साइबर पुलिस थाना, राजसमन्द से जुड़ने का आह्वान भी किया गया।

कार्यशाला का संचालन साइबर सुरक्षा समिति के डॉ. मनदीप सिंह ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के पश्चात विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड से बचाव एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार से संबंधित जानकारीपूर्ण पत्रक भी वितरित किए गए।

साइबर पुलिस ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें तथा साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएँ।