राजसमंद पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल और APK फ्रॉड सहित 12 तरह की ठगी से किया आगाह, हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की अपील
राजसमंद (कमल मानव)। पुलिस मुख्यालय एवं महानिदेशक पुलिस, साइबर क्राइम एवं तकनीकी सेवाएं, राजस्थान जयपुर के निर्देश पर सितम्बर माह को “साइबर सुरक्षित राजस्थान” जन-जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है।
इसी क्रम में जिला पुलिस अधीक्षक राजसमंद हेमन्त कलाल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेन्द्र पारीक के मार्गदर्शन तथा उप अधीक्षक पुलिस एवं थानाधिकारी साइबर पुलिस थाना राजसमंद दुर्गाप्रसाद दाधीच के नेतृत्व में प्रतिदिन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिले के सभी थानों द्वारा भी कार्यक्रम किए जा रहे हैं तथा सोशल मीडिया पर प्रतिदिन जागरूकता मैसेज प्रसारित किए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में शनिवार को वरिष्ठ नागरिक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक कार्यालय से हैड कांस्टेबल रतनलाल, वृत कार्यालय राजसमंद से कांस्टेबल हितेश साहू एवं कांस्टेबल अन्नाराम तथा साइबर थाना राजसमंद से सूचना सहायक दलवीर मीणा द्वारा वरिष्ठ नागरिकों एवं पेंशनधारकों को डिजिटल बैंकिंग के सुरक्षित उपयोग, फर्जी फोन कॉल की पहचान तथा वर्तमान में प्रचलित साइबर ठगी के तरीकों से बचाव के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने साइबर जागरूकता टीम का आभार व्यक्त किया।
इन 12 साइबर अपराधों से रहने को कहा सावधान –
पुलिस ने बताया कि इन दिनों सबसे ज्यादा ठगी इन निम्न तरीकों से हो रही है:
- डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड
- पेंशन एवं जीवन प्रमाण-पत्र के नाम पर ठगी
- फर्जी बैंक एवं केवाईसी कॉल
- APK फाइल एवं स्क्रीन शेयरिंग ऐप से ठगी
- फर्जी निवेश एवं ऑनलाइन ट्रेडिंग ठगी
- पार्ट-टाइम जॉब एवं टास्क फ्रॉड
- गूगल से अस्पताल के नंबर लेकर ठगी
- OTP, PIN और CVV से ठगी
- QR कोड एवं UPI फ्रॉड
- फर्जी लोन ऐप
- सोशल मीडिया प्रोफाइल एवं परिचित बनकर ठगी
- AI वॉइस क्लोन और वीडियो कॉल फ्रॉड
वरिष्ठ नागरिकों से विशेष अपील –
अनजान नंबर से आए कॉल पर बैंक अथवा निजी जानकारी साझा न करें।
किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचें।
मोबाइल में अनजान ऐप या APK फाइल इंस्टॉल न करें।
बैंक खाते का नियमित रूप से अवलोकन करते रहें।
साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं और बिना देरी शिकायत करें।
संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक का स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
किसी भी परिस्थिति में OTP, PIN, पासवर्ड या CVV साझा न करें।
पुलिस ने अपील की है कि साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा http://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को होल्ड करवाने की संभावना बढ़ जाती है।