तीन दिवसीय क्षमतावर्धन प्रशिक्षण में 35 किशोरियों ने लिया हिस्सा, स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, संगठन एवं अधिकारों पर हुई विस्तृत चर्चा

राजसमंद। सुकून परियोजना के अंतर्गत 28 से 30 सितम्बर तक तीन दिवसीय किशोरी लीडर क्षमतावर्धन प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में 35 किशोरियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण का उद्देश्य किशोरियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के साथ उन्हें अपने अधिकारों, कानून, स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वास्थ्य, SRHR एवं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना रहा।

संस्था की निदेशिका श्रीमती शकुंतला पामेचा ने किशोरी संगठन के महत्व एवं त्रिस्तरीय व्यवस्था की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि संगठन के माध्यम से किशोरियां अपनी समस्याओं को सामूहिक रूप से सामने रख सकती हैं, एक-दूसरे का सहयोग कर सकती हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित स्तर तक अपनी बात पहुंचा सकती हैं। किशोरियों को समस्याओं की पहचान, सामूहिक पहल एवं सहायता तथा रेफरल प्रक्रिया के बारे में भी समझाया गया।

प्रशिक्षण के प्रथम दिन काउंसलर माधुरी ने किशोरियों को उनके अधिकारों एवं विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी दी। बाल विवाह निषेध कानून, POCSO सहित किशोरियों से संबंधित कानूनी प्रावधानों तथा हिंसा की स्थिति में उपलब्ध सहायता एवं कानूनी सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। समूह गतिविधियों एवं रोल प्ले के माध्यम से किशोरियों को विभिन्न परिस्थितियों में सही निर्णय लेने का अभ्यास भी करवाया गया।

प्रशिक्षण में पूर्व  डा. सरोज मेनारिया  ने किशोरी स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक बदलाव, स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत देखभाल के साथ आयुर्वेदिक नुस्खों एवं स्वास्थ्य संबंधी उपयोगी जानकारी साझा की।

वहीं कमला नेहरू अस्पताल के स्वास्थ्य विभाग से कमला नेहरू अस्पताल के डॉ.ममता प्रजापत ने महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने ब्रेस्ट कैंसर, माहवारी प्रबंधन एवं स्वच्छता, शारीरिक बदलाव तथा बच्चेदानी के कैंसर के प्रति जागरूक किया। साथ ही सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण में किशोरियों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव एवं भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी विशेष चर्चा की गई।

प्रशिक्षण के तीसरे दिन साइबर थाना से SHO गिरधारी सिंह, हेड कांस्टेबल सीता शर्मा एवं सूचना तकनिकी अधिकारी दलवीर मीणा ने साइबर अपराध एवं ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन उत्पीड़न, फेक प्रोफाइल, ब्लैकमेलिंग, साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, मजबूत पासवर्ड, OTP एवं निजी जानकारी की सुरक्षा के संबंध में किशोरियों को जागरूक किया। साइबर अपराध होने की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने एवं समय पर सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण में क्षेत्रीय समन्वयक सीता रेगर,निमा देवी,कार्यालय स्टाफ शबाना,जुबेदा का सहयोग रहा | इस  दौरान किशोरियों ने समूह गतिविधियों, केस स्टडी, रोल प्ले, प्रश्नोत्तरी एवं संवादात्मक गतिविधियों के माध्यम से विभिन्न विषयों को व्यवहारिक रूप से समझा। नेतृत्व कौशल, टीम निर्माण, संवाद एवं निर्णय लेने की क्षमता, हिंसा की पहचान, स्वास्थ्य सेवाओं तथा रेफरल प्रक्रिया पर भी अभ्यास करवाया गया।

प्रशिक्षण के समापन पर किशोरी लीडर्स ने अपने गांव एवं समुदाय में जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के लिए 30 दिवसीय कार्ययोजना तैयार की। इसके माध्यम से किशोरी लीडर्स अपने गांव में बैठकें आयोजित करने, जागरूकता गतिविधियां संचालित करने तथा जरूरतमंद किशोरियों के साथ फॉलो-अप एवं आवश्यक रेफरल का कार्य करेंगी।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से किशोरियों में नेतृत्व, कानून एवं अधिकारों की समझ, स्वास्थ्य एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, संगठनात्मक क्षमता तथा डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने का प्रयास किया गया, ताकि किशोरियां स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने गांव एवं समुदाय की अन्य किशोरियों को भी जागरूक एवं सशक्त बना सकें।