नाथद्वारा। जिला पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक के सुपरविजन में विद्यार्थियों को यातायात नियमों एवं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सनराइज एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नाथद्वारा में एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों एवं साइबर विशेषज्ञ ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा, मोबाइल एवं इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग तथा व्यक्तिगत सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।

सेमिनार में यातायात प्रभारी पन्नालाल, सहायक उपनिरीक्षक मुकेश फौजदार, साइबर विशेषज्ञ खैरूल वसीम, सहायक उपनिरीक्षक शंकरलाल एवं हेड कांस्टेबल भगवानलाल उपस्थित रहे। विद्यालय प्रशासन द्वारा अतिथियों का तिलक एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।

यातायात प्रभारी पन्नालाल ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि सड़क पर छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। उन्होंने बिना हेलमेट वाहन चलाने के खतरों के बारे में समझाते हुए सुरक्षित यातायात व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों की पालना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है तथा सड़क पर संयम, सतर्कता एवं अनुशासन बनाए रखना जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

सहायक उपनिरीक्षक मुकेश फौजदार ने विद्यार्थियों को समझाया कि यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं एवं अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के जीवन की रक्षा के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने तथा अपने परिवार एवं परिजनों को भी यातायात नियमों की पालना के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया। इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए यातायात संबंधी प्रश्नों के विस्तारपूर्वक उत्तर दिए गए।

सड़क सुरक्षा के संदेश में हेलमेट एवं सीट बेल्ट के नियमित उपयोग, निर्धारित गति सीमा की पालना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने तथा नशे की अवस्था में वाहन नहीं चलाने के महत्व पर जोर दिया गया। सुरक्षित आवागमन के लिए यातायात संकेतों का पालन करना, गलत दिशा में वाहन नहीं चलाना, दोपहिया वाहन पर निर्धारित संख्या से अधिक सवारी नहीं बैठाना तथा अनावश्यक ओवरटेकिंग से बचना आवश्यक है। विद्यार्थियों को वाहन चलाने के लिए निर्धारित आयु एवं वैध ड्राइविंग लाइसेंस की अनिवार्यता को समझने तथा बिना पात्रता वाहन नहीं चलाने का संदेश दिया गया।

पैदल आवागमन के दौरान भी सावधानी बरतना आवश्यक है। सड़क पार करने से पहले दोनों ओर देखकर वाहनों की स्थिति का आकलन करना, उपलब्ध होने पर जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करना तथा अचानक दौड़कर सड़क पार नहीं करना सुरक्षित व्यवहार का हिस्सा है। विद्यालय आने-जाने के दौरान सड़क पर खेलना, चलती बस या अन्य वाहन में चढ़ना-उतरना तथा वाहन की खिड़की से शरीर का कोई भाग बाहर निकालना दुर्घटना का कारण बन सकता है। विद्यार्थियों से सुरक्षित आवागमन की आदतें अपनाने और सड़क पर अन्य लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखने की अपील की गई।

साइबर विशेषज्ञ खैरूल वसीम ने साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताते हुए विद्यार्थियों को अनजान व्यक्तियों के साथ मोबाइल नंबर एवं व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करने तथा सोशल मीडिया पर निजी विवरण सार्वजनिक करने से बचने की सलाह दी। उन्होंने मोबाइल, इंटरनेट एवं सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने और संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया।

बालिकाओं की सुरक्षा के संबंध में विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी प्रकार की अनुचित घटना, उत्पीड़न अथवा परेशानी की स्थिति में बिना भय या संकोच के अपने अभिभावकों, विद्यालय प्रशासन अथवा पुलिस को तत्काल जानकारी दें। ऐसी घटनाओं को छिपाने के बजाय समय पर सहायता लेने तथा पीड़ित की निजता एवं गोपनीयता के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।

सहायक उपनिरीक्षक शंकरलाल एवं हेड कांस्टेबल भगवानलाल ने विद्यार्थियों को कानून एवं व्यक्तिगत सुरक्षा से संबंधित जानकारी देते हुए सजग और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती शिप्रा भाटिया ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता जैसी जीवनोपयोगी जानकारी देना भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से सेमिनार में प्राप्त जानकारी को अपने दैनिक जीवन में अपनाने तथा परिवार एवं आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की।

सेमिनार में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा यातायात, साइबर सुरक्षा एवं व्यक्तिगत सुरक्षा से संबंधित प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।