राजसमंद। माय भारत राजसमंद द्वारा अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वृद्धजनों से वृद्धाश्रम केन्द्र, मोही में संवाद किया। यह जानकारी प्रदान करते हुए माय भारत राजसमंद के जिला युवा अधिकारी हेमंत कुमार मथुरिया ने बताया इस दिवस का उद्देश्य समाज में वरिष्ठ नागरिकों के योगदान, अनुभव और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उनके सम्मान और गरिमापूर्ण जीवन को सुनिश्चित करना है।

वृद्धजन हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में समर्पित किए हैं। उनके पास जीवन का वह अनुभव और ज्ञान है, जो किसी पुस्तक में नहीं मिल सकता। हमारे संस्कारों और परंपराओं में भी सदैव बुजुर्गों का सम्मान करने और उनका मार्गदर्शन प्राप्त करने की भावना रही है।

कार्यक्रम पर्यवेक्षक हनवंत सिंह चौहान ने बताया की आज के बदलते सामाजिक परिवेश में वृद्धजनों के सामने कई चुनौतियाँ हैं—अकेलापन, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ, आर्थिक कठिनाइयाँ तथा परिवार से दूर रहने की स्थिति। ऐसे समय में हमारा दायित्व है कि हम उन्हें केवल सहायता ही नहीं, बल्कि सम्मान, अपनापन, समय और भावनात्मक सहयोग भी दें। हमें यह समझना होगा कि वृद्ध होना जीवन का स्वाभाविक चरण है। आज हम अपने बुजुर्गों के साथ जैसा व्यवहार करेंगे, आने वाली पीढ़ियाँ भी हमारे साथ वैसा ही व्यवहार करेंगी। इसलिए हमें अपने घर और समाज में ऐसा वातावरण बनाना चाहिए, जहाँ प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और उपयोगी महसूस करे।

राष्ट्रीय युवा अवॉर्डी शंकर लाल गाडरी ने बताया की इस अवसर पर हम संकल्प लें कि हम अपने माता-पिता, दादा-दादी एवं सभी वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान करेंगे, उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखेंगे और उनके अनुभवों से सीख लेकर समाज एवं राष्ट्र को मजबूत बनाने में योगदान देंगे। उन्होंने बताया की
“जिस घर में बुजुर्गों का सम्मान होता है,
उस घर में संस्कार और खुशियाँ हमेशा बनी रहती हैं।”
इस अवसर पर वृद्धजनों का इकलाई से अभिनंदन किया गया एवं फल फ्रूट का वितरण किया गया। संवाद कार्यक्रम में प्रशासनिक सहायक रामेश्वर दयाल शर्मा, मीरा विद्या प्रसार संस्थान से शिक्षिका रीना भट्ट एवं केयर टेकर चेतना रेगर भी उपस्थित रही।