

नाथद्वारा। श्री पुष्टिमार्गीय तृतीय पीठ प्रन्यास द्वारा संचालित श्री द्वारकाधीश मंदिर, नाथद्वारा में श्रीकृष्ण जन्म की खुशियों के रूप में नन्द महोत्सव बड़े हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया।
प्रातः 9 बजे से ही गोपी, ग्वाल-बाल की वेशभूषा में श्रद्धालु मंदिर प्रांगण में एकत्रित होने लगे। नन्द महोत्सव की शुरुआत रतन चौक में दही-हल्दी मिश्रित “दधीपूजन” के साथ हुई। पूजन संपन्न होते ही पलना के दर्शन खुले और लालन को पालने में बिराजित किया गया। पालने के पास यशोदा मैया के स्वरूप में दर्शन हुए।
मंदिर के मुखियाजी, अधिकारीश्री एवं भण्डारीजी द्वारा श्री नन्दबावा को हाथ पकड़कर रतन चौक में प्रभु के सम्मुख लाया गया और अलग आसन पर बिराजित किया।
इस दौरान ब्रजवासी ग्वाल-बालों ने केसरिया दूध, दही, हल्दी मिश्रित माखन एक-दूसरे पर लगाकर और वैष्णवजनों पर छिड़क कर उत्सव मनाया। भक्तों ने भी दही-माखन की होली का आनंद लिया। ग्वाल-बाल “नन्द के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़े पालकी, जय कन्हैया लाल की” का जयघोष करते हुए नृत्य करते रहे।
जन्माष्टमी और नन्द महोत्सव साक्षात प्रभु लीला के आनंद, श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का पर्व है। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा।
परमपूज्य गोस्वामी श्री वागीश कुमार महाराजश्री की आज्ञा से नन्द महोत्सव निर्विघ्न रूप से सम्पन्न हुआ।