गोस्वामी विशाल बावा ने किया छठी पूजन , नंद बाबा-यशोदा के स्वरूप में मुखियाओं ने निभाई परंपरा

नाथद्वारा। पुष्टिमार्गीय वल्लभ संप्रदाय की प्रधानपीठ प्रभु श्रीनाथजी की हवेली में शनिवार को कृष्ण जन्मोत्सव के दूसरे दिन नंद महोत्सव उल्लास, भक्ति और सदियों पुरानी परंपराओं के साथ मनाया गया। नंद महोत्सव के अवसर पर श्रीजी प्रभु की हवेली में ऐसी आनंदमयी छटा बिखरी कि संपूर्ण पुष्टि सृष्टि दूध, दही, हल्दी और केसर से सराबोर हो गई। हजारों वैष्णवों और श्रद्धालुओं ने इस अलौकिक उत्सव के दर्शन कर आनंद लिया।

प्रभु की सेवा पद्धति एवं परंपरा के अनुसार इस वर्ष श्रीनाथजी प्रभु का 5192वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। नंद महोत्सव के दिन प्रभु को तीहरा श्रृंगार धराया गया। श्रीजी प्रभु चाकदार केसरी वस्त्रों में सजे तथा श्रीमस्तक पर मोर चंद्रिका का मनोहारी श्रृंगार किया गया।

मंगला दर्शन के पश्चात परंपरानुसार श्रीजी प्रभु एवं गोद के ठाकुर श्री लाड़ले लाल नवनीतप्रियाजी का छठी पूजन परचारक महाराज श्री विशाल बावा ने किया। छठी पूजन का भाव बाल स्वरूप प्रभु को बुरी नजर से बचाने और उनकी मंगल कामना से जुड़ा है। पूजन के बाद लाड़ले लाल प्रभु को श्रीजी प्रभु के सम्मुख स्वर्ण पलने में विराजित किया गया।

श्रीजी के बड़े मुखिया श्री इंद्रवदनजी ने नंद बाबा और लाड़ले लाल प्रभु के मुखिया ने यशोदा मैया का स्वरूप धारण कर बाल स्वरूप प्रभु को स्वर्ण पलने में झुलाया। मंदिर के भीतरिया सेवकों ने ग्वाल-बाल एवं गोपी का स्वरूप धारण कर श्री विशाल बावा के साथ नृत्य करते हुए प्रभु को रिझाया।

नंद महोत्सव के दौरान श्री विशाल बावा एवं श्री लाल बावा ने श्रीजी प्रभु एवं लाड़ले लाल प्रभु को स्वर्ण एवं रजत खिलौनों से खिलाकर खूब लाड़ लड़ाए और प्रभु की आरती उतारी। हवेली में मौजूद वैष्णव इस भावपूर्ण सेवा के साक्षी बने।

इसके बाद बृजवासियों एवं सेवकों ने संपूर्ण हवेली में दूध, दही, हल्दी और केसर का छिड़काव किया। दूध-दही की इस आनंदमयी होली में वैष्णव और सेवक सराबोर हो गए। नृत्य करते हुए सेवकों एवं वैष्णवों ने ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की… हाथी दीने, घोड़ा दीने और दीनी पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष किए। इससे पूरी हवेली कृष्णमय हो उठी।

नंद महोत्सव के दर्शन के बाद परंपरा अनुसार श्री विशाल बावा ने श्रीजी के बड़े मुखिया श्री इंद्रवदनजी का हाथ पकड़कर उन्हें श्री महाप्रभुजी की बैठक में पहुंचाया। यहां श्री विशाल बावा एवं श्री लाल बावा ने नंद बाबा के स्वरूप में विराजित बड़े मुखिया जी को दंडवत कर आशीर्वाद लिया।

इसके पश्चात नंद बाबा स्वरूप बड़े मुखिया श्री इंद्रवदनजी ने गुरु स्वरूप श्री विशाल बावा को दंडवत कर उनसे आशीर्वाद लिया। इस दौरान दिखाई दिया यह पारंपरिक भाव-विनिमय श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

जन्माष्टमी एवं नंद महोत्सव के अवसर पर श्री विशाल बावा की ओर से बधाई स्वरूप शुरू किया गया प्रसाद वितरण भी जारी रहा। हजारों वैष्णवों एवं श्रद्धालुओं ने प्रभु के प्रसाद का लाभ लिया। नंद महोत्सव के दौरान हवेली में सुबह से ही उत्सव का वातावरण बना रहा और दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
नंद महोत्सव के दौरान मंदिर अधिकारी सुधाकर उपाध्याय, तिलकायत महाराजश्री के निजी सलाहकार अंजन शाह, मंदिर मंडल सदस्य समीर चौधरी, मुख्य प्रशासक भारत भूषण व्यास, तिलकायत सचिव लीलाधर पुरोहित, सहायक अधिकारी अनिल सनाढ्य, जमादार विठ्ठल सनाढ्य, कैलाश पालीवाल, गोपी, कल्पित, प्रवीण गुर्जर, सुनील गुर्जर सहित अन्य सेवादार उपस्थित रहे।