जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा

राजसमन्द। जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने जिले में एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की गति बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी चिकित्सा अधिकारी प्रभारी अपने क्षेत्र में कार्यरत आशा, एएनएम एवं सीएचओ के माध्यम से 14 वर्ष आयु वर्ग की उन बालिकाओं की सूची तैयार करवाएं जिन्होंने अभी अपना 15वां जन्मदिन नहीं मनाया है। उन्होंने निर्देश दिए कि घर-घर संपर्क कर अभिभावकों को एचपीवी वैक्सीन के लाभों की जानकारी दी जाए तथा अधिकाधिक बालिकाओं का वैक्सीनेशन सुनिश्चित किया जाए। वे मंगलवार को आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
जिला कलक्टर ने कहा कि चिकित्सा अधिकारी प्रभारी एवं खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रतिदिन वैक्सीनेशन अभियान की समीक्षा कर जिला स्तर पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने राष्ट्रीय गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि गत वर्ष राजसमंद जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा था तथा इस वर्ष भी लक्षित समूह की स्क्रीनिंग, फॉलोअप एवं उपचार में नियमितता बनाए रखते हुए बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजना लाडो प्रोत्साहन योजना की भी समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने सेक्टरवार लंबित प्रकरणों पर चर्चा करते हुए स्वीकृति स्तर पर लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण कर लाभार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना की प्रथम एवं द्वितीय किश्त के भुगतान में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए तथा सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण कर समयबद्ध भुगतान किया जाए।
उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सभी गतिविधियों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाने पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि योजना के तहत दुर्घटना के बाद पहले सात दिनों तक डेढ़ लाख रुपए तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाता है, जिससे गोल्डन ऑवर में पीड़ित की जान बचाई जा सके।
बैठक के दौरान नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन प्राप्त करने वाले उपस्वास्थ्य केंद्र सैलागुड़ा ब्लॉक आमेट, मौगाना ब्लॉक देलवाड़ा एवं भावा ब्लॉक राजसमंद के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों एवं महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा एवं सीएमएचओ डॉ. हेमंत कुमार बिंदल द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सीएमएचओ डॉ. हेमंत कुमार बिंदल ने प्रसव भार वाले चिकित्सा संस्थानों में संक्रमण नियंत्रण एवं प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारियों एवं चिकित्सा अधिकारी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। बैठक में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश मीणा ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
बैठक में जिला क्षय रोग अधिकारी रामनिवास जाट, डिप्टी सीएमएचओ परिवार कल्याण डॉ. महेंद्र खंगारोत, जिला कार्यक्रम अधिकारी आशीष दाधीच, जिला शहरी कार्यक्रम अधिकारी कृष्णकांत वसीटा, जिला नोडल अधिकारी विनित दवे, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश रजक, डॉ. अनिल शाह सहित सभी खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं चिकित्सा अधिकारी प्रभारी उपस्थित रहे।